समाचार पत्र निबंध | News Essay - Hindi Quotes

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Friday, May 8, 2020

समाचार पत्र निबंध | News Essay

समाचार पत्रों का महत्व और समाचार पत्र निबंध

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है. वह समाज की प्रत्येक स्थिति से प्रभावित होता है. दूसरी और वह भी अपनी गतिविधियों से समाज को प्रभावित करता है. आये दिन समाज में कोई घटना, व्यापार या प्रतिक्रिया अवश्य होती है. इस सबकी जानकारी देने में समाचार पत्र की भूमिका बहुत बड़ी है. यह सत्य है कि इस प्रकार की खबरे तो हमें आज विज्ञापन की कृपा से रेडियो, टेलीप्रिंटर, टेलीफोन और टेलीविजन के द्वारा अवश्य प्राप्त होती है. लेकिन समाचार पत्र की तरह उनसे एक-एक खबर का हवाला संभव नहीं होता है. यही कारण आज विभिन्न प्रकार के संचार संदेश के साधनों के होते हुए भी समाचार पत्र का सर्वाधिक है. यही इस समाचार पत्र निबंध में भी दर्शाया गया है.

समाचार पत्र के जन्म के विषय यह आमतौर पर कहा जाता है कि इसका शुभारंभ सातवीं सदी में चीन में हुआ था. सन 1780 ई में बंगाल में “बंगाल गजट” नामक समाचार पत्र प्रकाशित हुआ था. इसके बाद धीरे-धीरे हमारे देश में समाचार पत्रों की संख्या युग प्रवर्तक भारतेंदु हरिश्चन्द्र के प्रचार प्रसार के फलस्वरूप बढती गई. सबसे अधिक आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी के हिंदी महत्व के लिए किये गए योगदानो के परिणामो से हिंदी समाचार पत्रों की गति और संख्या में पूर्वापेक्षा दिन दूनी रात चौगुनी वृद्धि हुई. आज हमारे देश में समाचार पत्रों की संख्या बहुत अधिक है. देश की प्राय: सभी भाषाओं में समाचार पत्रों की संख्या बहुत अधिक है.

समाचार पत्र निबंध

देश की प्राय: सभी भाषाओं में समाचार पत्र आज धडल्ले से निकलते जा रहे है. आज के प्रमुख समाचार पत्रों के कई रूप दिखाई दे रहे है. दैनिक, सांध्य दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक, मासिक त्रेमासिक और छमाही, सहित कुछ वार्षिक समाचार पत्र भी प्रकाशित हो रहे है. मुख्य रूप से नवभारत टाइम्स, जनसत्ता, हिन्दुस्तान, पंजाब केसरी, राष्ट्रीय सहारा, दैनिक ट्रिब्यून, अमृत बाजार पत्रिका, इंडियन एक्सप्रेस, स्टेट्समैन, वीर अर्जुन, राजस्थान पत्रिका, नई दुनिया, समाचार मेल, आज, दैनिक जागरण आदि दैनिक पत्रों की बड़ी धूम है.

सांध्य टाइम्स आदि सांध्य दैनिको की बड़ी लोकप्रियता है. इसी तरह से समाचारों को प्रस्तुत करने वाली पत्रिकाओं की भी भरमार है. इनमे धर्म युग, ब्लिट्स, सरीता, इंडियन टुडे, माया, मनोहर कहानियाँ आदि है.

समाचार पत्रों की उपयोगिता दिन प्रतिदिन बढती जा रही है. समाचार पत्रों के माध्यम से हमें न केवल राजनीतिक जानकारी हांसिल होती है. अपितु सामाजिक साहित्यिक, धार्मिक आध्यात्मिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक आदि गतिविधियों का भी ज्ञान हो जाता है. यही नहीं हमें देश और विदेश की पूरी छवि समाचार पत्रों में साफ़-साफ़ दिखाई देती है. इससे हम अपने जीवन से सम्बंधित किसी भी दशा से अछूते नही रह पाते है. इस प्रकार से हम यह कह सकते है कि समाचार पत्र की उपयोगिता और महत्व निसंदेह है. अत: हमें समाचार पत्र से अवश्य लाभ उठाना चाहिए.

भारत देश के सभी तरह के समाचार पत्रों की सूचि

द टाइम्स ऑफ़ इंडिया, द इकनोमिक टाइम्स, हिन्दुस्तान टाइम्स, द हिन्दू, महाराष्ट्र टाइम्स, मुंबई मिरर, विजया कर्नाटक, दैनिक भास्कर, बैंगलोर मिरर, द इंडियन एक्सप्रेस, दैनिक जागरण, राजस्थान पत्रिका, द ट्रिब्यून, बिज़नेस स्टैण्डर्ड, अमर उजाला, दिनाकरण, द न्यू इंडियन एक्सप्रेस, द टेलीग्राफ, मिड डे, गुजरात समाचार, सन्देश, डेक्कन हेराल्ड, डेली न्यूज़ एंड एनालिसिस, द पायनियर, नवा भारत, एजुकेशन टाइम्स, द स्टेट्समैन, पंजाब केसरी, मिनट, संग्बाद प्रतिदिन, अनादाबज़र पत्रिका, लोकसत्ता, ईनाडु, मलयाला मनोरमा, डेक्कन क्रॉनिकल, दिव्या भास्कर, बिज़नेस लाइन, सकल, द समाज, द असम ट्रिब्यून, प्रभात खबर, द एशियन एज, आजकल, साक्षी, बॉम्बे समाचार, प्रजवानी

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