पौष्टिक तत्व की जानकारी | Nutrients Info - Hindi Quotes

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Friday, May 8, 2020

पौष्टिक तत्व की जानकारी | Nutrients Info

भोजन में पौष्टिक तत्व

अपने दैनिक भोजन को बनाये पौष्टिक से भरा. क्या आप स्वाद के साथ-साथ पोषक आहार तलाश कर रही है? अब आप कुछ टिप्स की मदद से अपने भोजन को पोषक भी बना सकती है. पोषक आहार लम्बी उम्र का राज है. अक्सर हम सिर्फ स्वाद के चक्कर में पड़कर फिजूल चीजों को अपने शरीर में ग्रहण कर लेते है. इसकी बजाय आपको पोषक आहार के बारे में जानकारी प्राप्त करनी चाहिए और भोजन बनाते समय सही चीजों का इस्तेमाल करना चाहिए. क्या आप जानते है कि इनके बारे में जिनसे आपको पौष्टिक तत्व मिले.



वनस्पति तेल की बजाय जैतून का तेल

अगर आप वनस्पति तेल जैसे कनोला तेल, मक्का का तेल या सोयाबीन तेल का इस्तेमाल करती है तो इससे आपका भोजन सेहत मंद नहीं बनता. इन तेलों को बहुत ज्यादा रिफाइन किया जाता है. जब इन्हें गर्म किया जाता है तो ये आपकी सेहत को नुकसान पहुँचा सकते है. इसकी बजाय आपको कुकिंग आयल के रूप ने जैतून का तेल अपनाना चाहिए. आप चाहे तो नारियल का तेल भी इस्तेमाल कर सकती है. जैतून और नारियल का तेल ज्यादा तापमान पर भी बेहतर बने रहते है और स्वास्थ्य की दृष्टी से शानदार होते है.

आप नमक की जगह मसाले या निम्बू का इस्तेमाल करे

अक्सर हम भोजन को स्वादिष्ट बनाने के लिए इसमें नमक या मक्खन मिला देते है. हम विचार नहीं कर पाते है कि इससे भोजन के माध्यम से हमारे शरीर में गैरजरुरी फैट और सोडियम जाता है. अगर आप अपने भोजन को ज्यादा सेहतमंद बनाना चाहती है तो आपको भोजन में नमक की बजाय अलग-अलग तरह के मसाले इस्तेमाल करने चाहिए. आप धनिया, सौफ, लहसुन, तुलसी आदि हर्ब्स की मदद से भी अपने भोजन को महका सकती है. आप नीम्बू भी डाल सकती है.


अक्सर हम भोजन में स्वाद के चक्कर में गैरजरुरी चीजे डाल देते है. अगर आप भोजन में पौष्टिक तत्व चीजों का इस्तेमाल करेंगी तो लम्बी उम्र प्राप्त कर सकती है. जानते है कि आप अपने भोजन को ज्यादा सेहतमंद कैसे बना सकती है.

आप अपने खान पान में चीनी का सेवन कम करे

भोजन में से चीनी को दूर करने के कई कारण है पर यदि आप पूरी तरह से ऐसा नहीं कर सकती तो आपको कम से कम चीनी इस्तेमाल करने की आदत तो विकसित कर ही लेनी चाहिए. ज्यादातर स्वास्थ्य समस्याओं के पीछे का कारण चीनी ही है. यह डायबटीज और ओस्टीयोपोलिस जैसी बीमारियां पैदा कर सकती है, यह आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को कम करती है. इससे किडनी डेमेज हो सकती है और शरीर का मिनरल बैलेंस गड़बड़ा सकता है. इससे एन्जिंग की रफ्तार बढ़ जाती है.


खान पान में ज्यादा से ज्यादा आप सब्जियों का इस्तेमाल करे

सब्जियों में सेहत के लिए जरुरी विटामिन्स और मिनरल्स की भरमार होती है. आपको अपने भोजन में ज्यादा से ज्यादा सब्जियों का सेवन करना चाहिए. आपको मिर्च, मशरूम, गौभी आदि का सूप, जूस, और शौरबा के साथ सेवन करना चाहिए. अक्सर बच्चे सब्जियाँ खाने में आनाकानी करते है. अतिरिक्त सब्जी आपको नुकसान पहुँचाने की बजाय सेहत को संवार देगी तो वे मान जायेंगे.

भोजन में लो फैट पनीर और चीज का इस्तेमाल देख कर करे

अगर आप अपनी रेसिपी में पनीर का इस्तेमाल करती है तो भोजन में आने वाले सेचुरेटेड फेट को कम करेने के लिए लो फैट पनीर का इस्तेमाल शुरू कर दे. जब आप पिज्जा आर्डर करती है या घर पर ही पिज्जा बनाती है तो एक्स्ट्रा चीज इस्तेमाल करने से बचे या पिज्जा में कम से कम चीज डाले. चीज के बजाय आप सब्जियों का इस्तेमाल कर सकती है. हालाकि पनीर और चीज में काफी केल्शियम होता है पर अध्ययन बताते है कि डेयरी प्रोडक्ट्स का जरुरत से ज्यादा इस्तेमाल ओस्टीयोपोरोसिस का खतरा बढ़ा सकता है.

परिष्कृत अनाज के बदले आप होल ग्रेन का इस्तेमाल करे

जब आप ब्रेड, पास्ता या चावल की कोई डिश बनाये तो परिष्कृत अनाज के बजाय होल ग्रेन इस्तेमाल करने का प्रयास करे. उदाहरण के तौर पर आपको रिफ़ाइन्ड सफेद राईस की जगह होल ग्रेन ब्राउन राइज इस्तेमाल करने चाहिए. वाइट ब्रेड के स्थान पर होल व्हीट ब्रेड इस्तेमाल करनी चाहिए अध्ययन बताते है कि रिफ़ाइन्ड ग्रेन के स्थान पर होल ग्रेन इस्तेमाल करने पर कई बीमारियाँ नहीं होती.

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